ये कौन सा अभीशाप है
मुझपर
ऐ खुदा कुछ तो बता
हर खुशी की कीमत चुकाई
है
मैने रोने के बाद
||
तुमने फूल और
उनकी बहार देखी है,
हमने तो कांटो को भी
सहला कर देखा है ||
फिर वही तन्हाई वही
खामोशी,
वही दर्द का आलम |
दूर खड़ी चिढ़ाती है
मुझे
ऐ दिल बता मैं क्या
करुँ ||
बात कहाँ की ,कहाँ
तक पहुँच गई,
तुम तो कह कर चले गए
और हम सिसकते ही रह
गए ||
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