मेरी जान ( रू ह ) ने पूछा मुझसे
यूँ इतराते हुए . . .
" मेरे बग़ैर क्या रह पाओगी ? "
बड़े प्यार से अपनी जान को
गले लगाकर कहा मैंने . . . .
मैं हूँ . . . और मेरा वजूद ;
गरचे तुम चली जाओगी . . .
खुद - ब - खुद
मट्टी हो जाऊँगी l "
# Kiren Babal
29. 3. 2015
यूँ इतराते हुए . . .
" मेरे बग़ैर क्या रह पाओगी ? "
बड़े प्यार से अपनी जान को
गले लगाकर कहा मैंने . . . .
" मेरी जान ! तुम हो तो
मैं हूँ . . . और मेरा वजूद ;
गरचे तुम चली जाओगी . . .
खुद - ब - खुद
मट्टी हो जाऊँगी l "
# Kiren Babal
29. 3. 2015
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